जेलों में सुरक्षा के साथ 'सुधार और पुनर्वास' पर जोर: 119 जेल कर्मियों की दीक्षांत परेड संपन्न

जेलों में सुरक्षा के साथ 'सुधार और पुनर्वास' पर जोर: 119 जेल कर्मियों की दीक्षांत परेड संपन्न

Emphasis on Reform and Rehabilitation Alongside

Emphasis on 'Reform and Rehabilitation' Alongside Security in Prisons

डिप्टी जेलर संवर्ग में शशिकांत को मिला सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार

जेल वार्डर संवर्ग में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की कविता जलाल प्रथम

मंत्री दारा सिंह चौहान बोले-सुरक्षा, सुधार और पुनर्वास की भूमिका भी निभाता है जेल

लखनऊ। Emphasis on 'Reform and Rehabilitation' Alongside Security in Prisons, जेल कर्मियों का प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 119 जेल अधिकारियों की नियुक्ति होगी। उत्तर प्रदेश में जेल विभाग के मुख्यालय लखनऊ के डॉक्टर संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में जेल अधिकारियों की दीक्षांत परेड की सलामी जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने ली।

जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने रविवार को जेल मुख्यालय के डॉक्टर संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित दीक्षांत परेड की सलामी ली। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जेल सुरक्षा के साथ सुधार और पुनर्वास की भी भूमिका निभाता है। इसी कारण जेल कर्मियों की भूमिका और अधिक संवेदनशील होती है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत परेड केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों और कर्तव्यों की शुरुआत है।

उन्होंने डिप्टी जेलर संवर्ग में शशिकांत को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु और जेल वार्डर संवर्ग में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल की कविता जलाल को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु के पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले चार जेल अधिकारियों सहित 115 जेल वार्डरों को बधाई दी।

इनमें से 74 जेल वार्डर उत्तर प्रदेश व 41 उत्तराखंड की जेलों में तैनात किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुशासन, कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना भविष्य में उनके कार्य निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में महानिदेशक जेल, पीसी मीना ने बताया कि डॉक्टर संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान स्थापना पहली अगस्त 1940 में हुई थी। यह एशिया का पहला जेल प्रशिक्षण संस्थान है। इस संस्थान में अगस्त 2025 तक कुल 1736 अधिकारियों और 13,391 जेल वार्डरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

इसके साथ ही रिफ्रेशर कोर्स के तहत लगभग 1287 अधिकारियों और कर्मियों को भी प्रशिक्षित किया गया है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षुओं को करेक्शनल सर्विसेज में स्नातकोत्तर डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर की निदेशक मंजरी चन्द्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।